
शिवहर ।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में कस्टम मिल्ड राइस की आपूर्ति को लेकर जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने बुधवार को कड़ी समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि 31 जुलाई 2026 तक शत-प्रतिशत सीएमआर आपूर्ति नहीं करने वाली समितियों और राइस मिलों को तत्काल ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
समाहरणालय सभागार में हुई बैठक में धान अधिप्राप्ति और सीएमआर आपूर्ति के आंकड़ों की बारीकी से समीक्षा हुई।
- जिले का मौजूदा आंकड़ा
जिले की 49 चयनित समितियों के माध्यम से कुल 20,481.890 मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति हुई है। इसके एवज में राज्य खाद्य निगम को 13,933.971 मीट्रिक टन सीएमआर की आपूर्ति का लक्ष्य था। इसमें से अब तक 13,236.325 मीट्रिक टन सीएमआर की आपूर्ति हो चुकी है, जो लक्ष्य का 95.96% है।
अभी भी 17 समितियों के माध्यम से 697.646 मीट्रिक टन सीएमआर आपूर्ति होनी बाकी है। जिले की 32 समितियों ने अपना 100% लक्ष्य पूरा कर लिया है।
- राइस मिलों का प्रदर्शन
समीक्षा क्रम में कुछ उसना राइस मिलों का प्रदर्शन राज्य औसत 96.24% से कम पाया गया है। जिसमें
संत प्रेम भिक्षु राइस मिल का प्रदर्शन 93.43%, मेटालिका राइस मिल का 96.04%
एवं माता जी एग्रो फूड प्रा. लि. का प्रदर्शन 96.18% है।
वहीं जिले के तीनों सहकारी अरवा राइस मिलों ने शत-प्रतिशत आपूर्ति कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
- प्रखंडवार स्थिति
पिपराही – 99.75%,
डुमरी कटसरी – 99.34%, पुरनहिया – 99.09%,
शिवहर – 98.69%
और तरियानी – 92.27% आपूर्ति के साथ सबसे पीछे रहा।
बैठक में डीएम ने सभी प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्र की समितियों के अध्यक्ष और प्रबंधकों के साथ समन्वय कर 31 जुलाई से पहले हर हाल में बकाया आपूर्ति पूर्ण कराएं।
उन्होंने चेतावनी दी कि प्रशासन इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा और समय पर आपूर्ति नहीं करने वाले मिलों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
