
मोतिहारी, राजन द्विवेदी।
पूर्वी चंपारण जिले से बैंक के पैसों में हेराफेरी और गबन का मामला सामने आया है। जिसमें पुलिस ने बैंक मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया है। मामला पकड़ीदयाल के को-आपरोटिव बैंक से जुड़ी है।
पकड़ीदयाल थाना पुलिस ने तकनीकी सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शाखा प्रबंधक को सिकरहना अनुमंडल मुख्यालय ढाका से धर-दबोचा है।
जानकारी के अनुसार जिले के पकड़ीदयाल अनुमंडल मुख्यालय स्थित को-ऑपरेटिव बैंक (सहकारिता बैंक) की शाखा से कुल 17 लाख 75 हजार (करीब 18 लाख) रुपये के सरकारी राशि का गबन करने का संगीन आरोप लगा था। यह गंभीर आरोप किसी और पर नहीं, बल्कि इसी बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक (ब्रांच मैनेजर) अजय कुमार राउत पर लगा था। आरोपी मैनेजर बैंक के पैसों में हेराफेरी करने के बाद से लगातार पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था।
इस वित्तीय महाघोटाले और गबन का भंडाफोड़ अप्रैल महीने में हुआ था। अप्रैल माह में जब वरीय अधिकारियों और ऑडिट टीम ने पकड़ीदयाल को-ऑपरेटिव बैंक शाखा का वार्षिक निरीक्षण (जांच) किया तो पूरी सच्चाई सामने आ गई। गहन जांच और बैंक के मुख्य कैश (तिजोरी) के मिलान के दौरान अचानक 17.75 लाख रुपये की भारी कमी पाई गई। कागजों और तिजोरी के कैश में इतनी बड़ी विसंगति मिलने के तुरंत बाद ही विभागीय अधिकारियों के होश उड़ गए थे।
बैंक कैश में इतनी बड़ी राशि की कमी मिलने और शाखा प्रबंधक द्वारा इसका कोई संतोषजनक जवाब न दिए जाने के बाद विभाग ने कड़ा रुख अपनाया। गबन का मामला पूरी तरह स्पष्ट होने पर बैंक प्रशासन की ओर से आरोपी शाखा प्रबंधक अजय कुमार राउत के खिलाफ पकड़ीदयाल थाने में नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी। जिसके बाद से पुलिस टीम आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार जाल बिछा रही थी।
इस हाई-प्रोफाइल मामले की पुष्टि करते हुए मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि पुलिस टीम इस मामले को लेकर बेहद गंभीर थी। गुप्त सूचना के आधार पर पकड़ीदयाल थाना पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी बैंक मैनेजर को ढाका से सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया है। एसपी ने बताया कि भ्रष्टाचार और जनता के पैसों की हेराफेरी करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार बैंक मैनेजर से पूछताछ कर आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुट गई है।
