चंपारण की खबर::पुलिस ने मदरसा में की छापेमारी, पिस्टल व संदिग्ध दस्तावेज बरामद,  तीन लोग हिरासत में

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पीएफआई सदस्य याकूब की यहीं से हुई थी गिरफ्तारी, मदरसा सील

मोतिहारी, राजन द्विवेदी।

गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने चकिया थाना क्षेत्र स्थित गवंदरा इस्लामिया मदरसा में छापेमारी की। पुलिस ने वहां से एक पिस्टल और कुछ संदिग्ध कागजात बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप है और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। मदरसे को सील कर दिया है। बताया जाता है कि एसपी स्वर्ण प्रभात को सूचना मिली थी कि मदरसे में कुछ संदिग्ध लोग ठहरे हुए हैं और उनकी गतिविधियां संदिग्ध हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तत्काल चकिया डीएसपी संतोष कुमार और थानाध्यक्ष मुन्ना कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर छापेमारी का निर्देश दिया। पुलिस टीम ने पूरी रणनीति के तहत मदरसे को चारों तरफ से घेर लिया और सघन तलाशी अभियान चलाया।
छापेमारी के दौरान एक बंद कमरे से एक देसी पिस्टल और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए। वहीं, मौके से तीन संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है। इनमें मदरसे का मौलवी और दो केयरटेकर हैं।पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन लोगों का संबंध किसी संगठित नेटवर्क से है या नहीं, और इन कागजातों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।

इसी मदरसे से पकड़ा गया था पीएफआई मेंबर याकूब

बता दें कि यह वही मदरसा है, जहां से पहले पीएफआई के मुख्य सरगना याकूब उर्फ उस्मान उर्फ सुल्तान को चकिया पुलिस और एटीएस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया था। उस गिरफ्तारी के बाद यह माना जा रहा था कि क्षेत्र में पीएफआई की गतिविधियों पर काफी हद तक लगाम लग गई है। हालांकि, ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, याकूब की गिरफ्तारी के बावजूद इस क्षेत्र में पीएफआई की सक्रियता पूरी तरह समाप्त नहीं हुई थी। अब बरामदगी और संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि संगठन के कुछ सदस्य अभी भी गुप्त रूप से सक्रिय हो सकते हैं। इस पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि नेटवर्क का पूरा खुलासा किया जा सके।बताया जा रहा है कि इससे पहले पटना के फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र से पीएफआई के एक अहम सदस्य की गिरफ्तारी के बाद चकिया कनेक्शन सामने आया था। इसके बाद एनआईए और एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक दर्जन से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया था।


सूत्रों के अनुसार याकूब और उसके सहयोगी रेयान मारूफ के नेतृत्व में गांधी मैदान जैसे सार्वजनिक स्थानों पर प्रशिक्षण गतिविधियां भी संचालित की जाती थीं। यही कारण है कि इस पूरे नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क बनी हुई हैं।फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए तीनों संदिग्धों से पूछताछ कर रही है और उनके नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि चकिया थाना को गुप्त सूचना मिली थी कि मदरसा में हथियार की खरीद बिक्री हो रही है। सुचना के आधार पर पुलिस ने मदरसा की घेराबंदी कर छापा मारा। जांच के दौरान वहां से देसी पिस्टल और खोखा बरामद हुआ है। साथ ही वहां के तीन केयर टेकर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।मदरसा में सीसीटीवी कैमरा भी लगा था, पुलिस उसकी जांच कर रही है। इसके अलावा जांच के लिए एफएसएल और डॉग स्कॉड को भी बुलाया गया है।