चंपारण::एमजीसीयू में “साइबर ठगी से सावधान!  जागरूकता कार्यक्रम,  बताए बचाव के अहम उपाय

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तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों पर एवीबीपी की पहल, विद्यार्थियों को दी गई डिजिटल सुरक्षा की सीख

मोतिहारी, राजन द्विवेदी।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की पहल पर आज महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिहार के  बृहस्पति सभागार में साइबर फ्रॉड जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों एवं शिक्षकों को तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना एवं उनसे बचाव के प्रभावी उपायों की जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डीएसपी अभिनव पाराशर ने अपने संबोधन में कहा कि आज साइबर अपराधी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले जहां ठगी पारंपरिक माध्यमों से होती थी, वहीं अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे Facebook के माध्यम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने विशेष रूप से सोशल इंजीनियरिंग, OTP फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी एवं Deepfake तकनीक के बढ़ते खतरे पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अब केवल एक मोबाइल नंबर, फोटो या छोटी सी जानकारी भी अपराधियों के लिए बड़ा हथियार बन चुकी है। वे मुख्य रूप से तीन चीजों का फायदा उठाते हैं , जिसमें लालच, डर और जल्दीबाज़ी। उदाहरण के लिए, अगर कोई आपको कॉल करके कहे कि “सर, गलती से पैसे आपके अकाउंट में आ गए हैं, कृपया वापस कर दीजिए”, तो आप सोचेंगे कि आप एक ईमानदार व्यक्ति हैं और पैसे लौटा देंगे। लेकिन यहीं पर असली खेल शुरू होता है। वह आपको एक लिंक भेजेगा या OTP मांगेगा, और जैसे ही आपने वह जानकारी साझा की, आपका बैंक अकाउंट खतरे में पड़ जाएगा।
कार्यक्रम में प्रोफेसर प्रसून दत्ता सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि डिजिटल युग में तकनीक का सही उपयोग करना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी उसके जोखिमों को समझना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को जागरूक और सतर्क रहने की सलाह दी।
डॉ. अंजिनी ने कहा कि आज के समय में साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने छात्रों को डिजिटल अनुशासन अपनाने और अपनी व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखने पर जोर दिया।
डॉ. श्याम नंदन ने अपने संबोधन में कहा कि युवा वर्ग सोशल मीडिया का सबसे बड़ा उपयोगकर्ता है, इसलिए उन्हें सबसे अधिक सावधान रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी लापरवाहियां बड़े नुकसान का कारण बन सकती हैं।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से आशा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन हमेशा छात्र हित और उनकी सुरक्षा के लिए कार्य करता रहा है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
वहीं एवीबीपी के उपाध्यक्ष आयुष किशन ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर फ्रॉड एक गंभीर चुनौती बन चुका है, जिससे बचने के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपने परिवार और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करें।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा प्रतिभागियों को व्यावहारिक जानकारी भी प्रदान की गई।