सदर अस्पताल में परिवार नियोजन मेला सह जागरूकता रैली का आयोजन, 20 मार्च तक चलेगा मिशन परिवार विकास अभियान

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मुजफ्फरपुर,
7 मार्च 2026


जिले में परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से शनिवार को सदर अस्पताल परिसर में परिवार नियोजन मेला सह जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) रेहान अशरफ ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तथा लाभार्थी उपस्थित रहे।


कार्यक्रम के दौरान सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार ने परिवार नियोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि छोटा और संतुलित परिवार स्वस्थ समाज की आधारशिला है। उन्होंने बताया कि परिवार नियोजन अपनाने से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आती है तथा परिवार का आर्थिक और सामाजिक विकास भी बेहतर तरीके से संभव हो पाता है। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधनों के बारे में जागरूक करें।


इस अवसर पर एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में योग्य दंपत्तियों से मिलकर उन्हें परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों की जानकारी दें। अस्थायी साधनों के रूप में कंडोम, माला-एन और छाया गोली का वितरण क्षेत्र में किया जाएगा। वहीं जरूरतमंद लाभार्थियों को अंतरा (एमपीए) इंजेक्शन, इम्प्लांट और कॉपर-टी जैसे आधुनिक गर्भनिरोधक साधनों की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा जो दंपत्ति स्थायी साधन अपनाना चाहते हैं, उन्हें महिला बंध्याकरण या पुरुष नसबंदी के लिए प्रखंड एवं जिला अस्पताल तक लाने की जिम्मेदारी भी आशा कार्यकर्ताओं को दी गई है।
विदित हो कि मिशन परिवार विकास अभियान 7 मार्च से 20 मार्च 2026 तक जिले में चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाकर योग्य दंपत्तियों को परिवार नियोजन के साधन अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों को लक्षित कार्य भी सौंपे गए हैं। साथ ही प्रत्येक एएनएम को 10 पीपीआईयूसीडी/आईयूसीडी तथा अंतरा (एमपीए) सेवाएं सुनिश्चित करनी होंगी। वहीं प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को अपने क्षेत्र में कम से कम 5 महिला बंध्याकरण, 2 पुरुष नसबंदी, 5 अंतरा (एमपीए) तथा 5 पीपीआईयूसीडी/आईयूसीडी सेवाएं सुनिश्चित कराने के लिए प्रेरित किया गया है।


कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अन्य विभागों और संस्थाओं का भी सहयोग लिया जा रहा है। बाल विकास परियोजना, विकास मित्र, नेहरू युवा केंद्र तथा जीविका समूहों को भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए कहा गया है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक परिवार नियोजन की जानकारी पहुंचाई जा सके।
इस प्रकार के मेलों और जागरूकता अभियानों का उद्देश्य लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करना, भ्रांतियों को दूर करना तथा स्वस्थ एवं खुशहाल परिवार के निर्माण में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे परिवार नियोजन के सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर अपने परिवार और समाज के बेहतर भविष्य में योगदान दें।