
– सेवा और संयम पर दिया जोर, कहा कि सरल जीवन से ईश्वर प्राप्ति संभव
मोतिहारी, राजन द्विवेदी।
जिले के रक्सौल वाई अड्डा परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के दूसरे दिन देश के प्रसिद्ध कथावाचक एवं गौरी गोपाल आश्रम के संस्थापक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने श्रद्धालुओं को जीवन और समाज से जुड़ा महत्वपूर्ण संदेश दिया।उन्होंने कहा कि जहां जुआ और शराब का प्रचलन होता है, वहीं कलियुग का वास होता है। ऐसे स्थानों से दूरी बनाना ही मानव कल्याण का मार्ग है, क्योंकि इनके संपर्क में आने से व्यक्ति का पतन निश्चित होता है।अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा कि भगवान को पाना कठिन नहीं है, कठिन है स्वयं को सरल और सहज बनाना। माता शबरी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उनके भाव सरल और निर्मल थे, इसलिएg भगवान श्रीराम उन्हें मिले। यदि मनुष्य अपने जीवन को सरल बना ले, तो ईश्वर की प्राप्ति संभव हो जाती है।कथावाचक ने पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं से पूछा कि क्या बिहार में शराबबंदी है। इस पर सभी ने एक स्वर में ‘हां’ कहा। इस पर उन्होंने कहा कि शराबबंदी के कारण ही बिहार विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने यह भी कहा कि जो व्यक्ति दूसरों के जीवन में सहारा बनता है, भगवान स्वयं उसका सहायक बनते हैं।गृहस्थ धर्म पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि घर आए अतिथि का सम्मान करना भारतीय संस्कृति की पहचान है। मानवता की सेवा करने वालों पर ईश्वर की विशेष कृपा बनी रहती है।कथा के दौरान अनिरुद्धाचार्य महाराज ने भजनों और प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर किया और भागवत कथा के जरिए जीवन जीने का मूल मंत्र बताया। साथ ही उन्होंने गौरी गोपाल आश्रम द्वारा संचालित विभिन्न सेवा कार्यों की जानकारी भी दी।
