
मोतिहारी, राजन द्विवेदी।
बजट पर महिला संवाद कार्यक्रम में सांसद राधा मोहन सिंह का वक्तव्य सामने आया है। जिसमें उन्होंने लंबे समय तक महिलाओं की प्रगति वित्तीय स्वतंत्रता, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सार्वजनिक जीवन में प्रतिनिधित्व की सीमाएं बाधित रही। परिवार और समाज में केंद्रीय भूमिका निभाने के बावजूद अनेक महिलाएं आर्थिक अवसरों और निर्णय प्रक्रिया से बाहर रहीं। जिससे उनके समग्र कल्याण और दीर्घकालिक सुरक्षा पर प्रभाव पड़ा। पिछले एक दशक में महिलाओं को शासन और विकास के केंद्र में रखते हुए इस स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पीएम उज्ज्वला योजना, मिशन शक्ति तथा लखपति दीदी कार्यक्रम के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों के विस्तार जैसी पहलों से महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा, वित्तीय सशक्तिकरण और नेतृत्व क्षमता को मजबूती मिली है। ये प्रयास महिला नेतृत्वित विकास की दिशा में स्पष्ट बदलाव को दर्शाते हैं, जहाँ नारी शक्ति को एक सशक्त और समावेशी भारत की आधारशिला माना गया है।
