
– बताया कि बाल विवाह से बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं भविष्य को प्रभावित करता है
मोतिहारी, राजन द्विवेदी।
जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन की सहयोगी संस्था ग्राम नियोजन केन्द्र, पूर्वी चम्पारण के तत्वावधान में बाल विवाह उन्मूलन के उद्देश्य से संचालित बाल विवाह मुक्ति रथ अभियान का शुभारंभ हुआ। इस अभियान में बाल विवाह मुक्ति रथ को जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने हरी झंडी दिखाकर अभियान का आगाज किया। बताया कि
यह बाल विवाह मुक्ति रथ आगामी दिनों में पूर्वी चम्पारण जिले के विभिन्न ग्रामों एवं पंचायतों में भ्रमण करते हुए आमजन को बाल विवाह के सामाजिक, शारीरिक एवं मानसिक दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेगा तथा समुदाय को इस कुप्रथा के विरुद्ध संगठित करेगा।
इस अभियान में विभिन्न सरकारी विभाग एवं संस्थाएं जैसे आईसीडीएस, महिला एवं बाल विकास निगम, डिस्ट्रिक्ट हब फॉर एम्पावरमेंट आफ विमेन, चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) तथा जिला बाल संरक्षण इकाई सक्रिय रूप से सहभागिता निभा रही है। इन सभी एजेंसियों के समन्वय से बाल विवाह की पहचान, रोकथाम एवं पीड़ित बच्चों के संरक्षण हेतु प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
शुभारंभ समारोह के अवसर पर आईसीडीएस की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी एवं डिस्ट्रिक्ट हब फॉर वीमेन एम्पावरमेंट की नोडल पदाधिकारी ने आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बाल विवाह की घटनाओं की सतत निगरानी करें। साथ ही किसी भी संभावित बाल विवाह की सूचना संबंधित विभागों को तुरंत उपलब्ध कराएं, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और यह बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं भविष्य को गंभीरी रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने जिले के सभी नागरिकों, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं स्वयंसेवी संगठनों से आह्वान किया कि वे इस अभियान को जन आंदोलन बनाते हुए पूर्वी चम्पारण को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने में अपना सक्रिय योगदान दें।
मौके पर जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, महिला एवं बाल विकास के पदाधिकारीगण, महिला सशक्तिकरण से जुड़े अधिकारी, चाइल्ड हेल्पलाइन प्रतिनिधि, ग्राम नियोजन केन्द्र के कार्यकर्ता एवं अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
