महाविद्यालय में सुखद संयोग: स्थापना दिवस एवं रक्षाबंधन की पूर्वसंध्या पर दीक्षारंभ कार्यक्रम के अंतर्गत छात्राओं ने पेड़ों को बाँधी राखी

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महिला शिल्प कला भवन महाविद्यालय में एक भावनात्मक और प्रेरणादायक दृश्य उस समय देखने को मिला जब पांच दिवसीय दीक्षारंभ कार्यक्रम के दूसरे दिन छात्राओं ने महाविद्यालय के स्थापना दिवस की पूर्वसंध्या और रक्षाबंधन की पूर्वसंध्या के सुखद संयोग पर पेड़ों को अपना भाई मानते हुए राखी बाँधी।

मुख्य अतिथि प्रो. मनेन्द्र कुमार जी ने कहा, कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि ‘दीक्षा’ भी आवश्यक है।विद्यार्थियों के भीतर संस्कार और नैतिक मूल्यों के विकास से ही उनके सम्पूर्ण व्यक्तित्व का विकास हो पाएगा और यह बड़े हर्ष का विषय है छात्राओं ने पौधों को अपना भाई मानकर उन्हें राखी बांधी है और उनके पालन-पोषण का संकल्प लिया है।

महाविद्यालय की संस्थापिका स्व. शांता देवी को स्मरण करते हुए प्राचार्य डॉ राकेश कुमार सिंह जी ने संस्थापिका की सोच और मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हुए कहा कि महाविद्यालय परिवार सदैव उनके आदर्शों पर चलकर शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल करने का प्रयास करता रहेगा।

छात्राओं ने कहा कि “पेड़ हमारे जीवन के रक्षक हैं, जैसे भाई अपनी बहनों की रक्षा करते हैं, वैसे ही पेड़ धरती की रक्षा करते हैं।”
इस अनोखी पहल के माध्यम से छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए यह संकल्प लिया कि वे न केवल प्रकृति से जुड़ाव बनाए रखेंगी, बल्कि उसकी रक्षा भी करेंगी।

पांच दिवसीय दीक्षारंभ कार्यक्रम के दूसरे दिन नव प्रवेशित छात्राओं का तिलक लगाकर स्वागत हुआ व मुख्य अतिथि का स्वागत शाॅल, पौधा व पेंटिंग देकर किया गया। प्रेरणादायक स्वागत भाषण डॉ . लोकमान्य रविन्दर प्रताप द्वारा प्रस्तुत किया गया।

प्रो. शालिनी गुप्ता ने नए छात्रों को राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत क्रेडिट आधारित सेमेस्टर पाठ्यक्रम के उद्देश्य, प्रक्रिया और परीक्षा प्रणाली की जानकारी दी तो वहीं प्रो. प्रेमलता ने महाविद्यालय में संचालित विभिन्न समितियों की जानकारी दी।

प्रो. शिल्पा भारती ने अर्थशास्त्र विषय, डॉ प्रियंका ने राजनीति विज्ञान, डॉ रीना ने इतिहास विषय से संबंधित शिक्षकों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को विभागीय गतिविधियों, पाठ्यक्रम की संरचना से अवगत कराया ।
प्रो. रितु वर्मा ने आंतरिक शिकायत समिति तथा शिकायत निवारण प्रकोष्ठ के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली और महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रेम रंजन द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षकगण एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारीगण अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ा रहे थे।