
मोतिहारी / राजन द्विवेदी।
जिले के मेहसी क्षेत्र के विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत और समर्पण से न केवल अपने परिवार बल्कि अपने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। शशि रंजन श्रीवास्तव और रूपा श्रीवास्तव के पुत्र आलेख आनंद ने इंटरमीडिएट की विज्ञान संकाय की परीक्षा में 85.40 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं और कुल 427 अंक हासिल कर मेहसी क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। उनका यह प्रदर्शन क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
इसके अलावा, प्रिय रंजन श्रीवास्तव और सोनी श्रीवास्तव के पुत्र संकेत कुमार और शशि रंजन श्रीवास्तव और रूपा श्रीवास्तव के पुत्र आकर्ष कुमार ने भी प्रथम श्रेणी में सफलता प्राप्त की है, जो उनके समर्पण और कठिन मेहनत का परिणाम है। इन दोनों ने अपनी मेहनत से न केवल अपने परिवार बल्कि मेहसी क्षेत्र का मान बढ़ाया है।
रजुआ बखरी का योगदान:
रजुआ बखरी निवासी अनिल कुमार के पुत्र आर्यन कुमार ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए विज्ञान संकाय में 85.02 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं और कुल 426 अंक प्राप्त कर डिस्टेंशन के साथ अपने गांव का मान बढ़ाया है। आर्यन कुमार की इस सफलता ने यह सिद्ध कर दिया कि मेहनत और समर्पण से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
आने वाली चुनौतियों का सामना:
शशि रंजन श्रीवास्तव के दोनों पुत्र आलेख आनंद और आकर्ष कुमार ने आकाश इंस्टीट्यूट दिल्ली में नामांकन कराया है और नीट (NEET) की तैयारी कर रहे हैं, ताकि वे भविष्य में डॉक्टर बन सकें। उनका यह कदम क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है।
वहीं, प्रिय रंजन श्रीवास्तव के पुत्र संकेत कुमार का सपना नर्सिंग क्षेत्र में करियर बनाने का है। उन्होंने नर्सिंग का कोर्स करने का निर्णय लिया है और उनका उद्देश्य चिकित्सीय क्षेत्र में आकर सेवा करना है।
परिवार और क्षेत्र का योगदान:
इन छात्रों की सफलता के पीछे उनके परिवार का समर्थन और मार्गदर्शन भी बहुत महत्वपूर्ण है। शशि रंजन श्रीवास्तव और प्रिय रंजन श्रीवास्तव ने हमेशा अपने बच्चों को शिक्षा के प्रति समर्पित रहने और उनके सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया है। उनके कठिन परिश्रम और मार्गदर्शन के कारण ही उनके बच्चे आज इस मुकाम पर पहुंच पाए हैं।
समाज के लिए प्रेरणा:
इन विद्यार्थियों की सफलता न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह समग्र समाज के लिए भी प्रेरणादायक है। यह दिखाता है कि अगर समर्पण, कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन मिले तो किसी भी कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त की जा सकती है। इन विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत से यह साबित किया कि सपने बड़े होने चाहिए और उन्हें हासिल करने के लिए कठिन प्रयास की आवश्यकता होती है।