
26 कर्मियों का एक दिन का वेतन स्थगित, स्पष्टीकरण का निर्देश; समय पर उपस्थिति, बायोमैट्रिक अटेंडेंस एवं स्वच्छता पर विशेष जोर
मुजफ्फरपुर,
1 जुलाई, 2026
सरकारी कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी श्री कुमार गौरव ने बुधवार को समाहरणालय स्थित विभिन्न जिला स्तरीय कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालयों में कर्मियों की उपस्थिति, कार्य निष्पादन, साफ-सफाई, अभिलेखों के रख-रखाव तथा बायोमैट्रिक उपस्थिति व्यवस्था का गहन जायजा लिया गया।
निरीक्षण के क्रम में कई कार्यालयों में निर्धारित समय पर अनुपस्थित पाए गए कुल 26 कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए जिला पदाधिकारी ने उनका एक दिन का वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी संबंधित कर्मियों से अनुपस्थिति के संबंध में स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बिना उचित कारण के कार्यालय से अनुपस्थित रहने अथवा समय पर उपस्थित नहीं होने की प्रवृत्ति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।

उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि वे प्रतिदिन निर्धारित समय पर अपने-अपने कार्यालय में उपस्थित हों तथा अनिवार्य रूप से बायोमैट्रिक अटेंडेंस दर्ज करें। उन्होंने कहा कि बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली का उद्देश्य केवल उपस्थिति दर्ज करना नहीं, बल्कि कार्य संस्कृति में अनुशासन और जवाबदेही स्थापित करना है।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से करें। आम नागरिकों से जुड़े मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से अपने अधीनस्थ कार्यालयों की निगरानी करने तथा कार्यों की समीक्षा करने का भी निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने कार्यालयों के कक्ष, अभिलेखों के रख-रखाव, परिसर की स्वच्छता तथा शौचालयों की स्थिति का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी कार्यालयों एवं उनके परिसरों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से शौचालयों की स्वच्छता, पेयजल की उपलब्धता तथा आम नागरिकों के बैठने की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं व्यवस्थित कार्यालय का सीधा प्रभाव कार्य संस्कृति पर पड़ता है और इससे आम लोगों में प्रशासन के प्रति सकारात्मक विश्वास विकसित होता है। इसलिए प्रत्येक कार्यालयाध्यक्ष यह सुनिश्चित करें कि उनके कार्यालय में स्वच्छता, अनुशासन एवं कार्यकुशलता का वातावरण बना रहे।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि सरकारी सेवाओं का उद्देश्य आम जनता को समय पर गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही, विलंब अथवा अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी कर्मियों को अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करना होगा तथा शासन के निर्देशों का पूर्णतः पालन करना होगा।
उन्होंने दोहराया कि भविष्य में भी समाहरणालय सहित विभिन्न सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण लगातार किया जाएगा। यदि किसी कार्यालय में समयपालन, बायोमैट्रिक उपस्थिति, कार्य निष्पादन अथवा स्वच्छता के संबंध में लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों से अपेक्षा की है कि वे अनुशासित कार्य संस्कृति अपनाते हुए जनता को बेहतर, पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभाएं। ऐसे निरीक्षणों का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि सरकारी कार्यप्रणाली में सुधार लाकर प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, उत्तरदायी एवं जनोन्मुख बनाना है।
