रामपुर मनिहारान नगर में परम पूज्य आचार्य श्री 108 भारत भूषण जी महाराज के पावन सानिध्य में जैन अतिथि भवन में आयोजित जैनामृत शिक्षण शिविर श्रद्धालुओं के लिए धर्म, संस्कार एवं आत्मकल्याण का प्रेरणास्रोत बना हुआ है।

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रिपोर्ट वैभव गुप्ता।

शिविर में आचार्य श्री अपने प्रवचनों के माध्यम से धर्म के मूल सिद्धांतों, अहिंसा, सत्य, संयम, सदाचार एवं आत्मचिंतन का महत्व समझा रहे हैं। उन्होंने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने आचरण को श्रेष्ठ बनाकर जीवन में सद्गुणों को अपनाना ही सच्चा धर्म है।शिविर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं युवा उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रहे हैं। उन्हें जैन धर्म के सिद्धांतों, नैतिक मूल्यों तथा संस्कारों की व्यावहारिक शिक्षा दी जा रही है। आचार्य श्री के प्रेरणादायी उद्बोधनों से उपस्थित जनसमुदाय धर्ममय जीवन अपनाने के लिए प्रेरित हो रहा है।


आयोजकों ने बताया कि जैनामृत शिक्षण शिविर का उद्देश्य समाज में धार्मिक जागरूकता, नैतिक शिक्षा एवं संस्कारों का प्रसार करना है। श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शिविर में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करने का आग्रह किया गया है।
इस दौरान जैन समाज के प्रधान मनोज जैन, महामंत्री निपुण जैन, डॉ राजेश जैन, संजय जैन, प्रदीप जैन कन्नू, शशांक जैन, अमित जैन, शुभम जैन, आर्जव जैन, श्याम लाल जैन, नीरज जैन, पप्पू, आर्जव जैन, भूपेंद्र जैन, सुधीर जैन सहित समाज के सैकड़ों महिला पुरुष मौजूद रहे।