चंपारण की खबर;:वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्रीपरशुराम जयंती समारोह पूर्वक मनी

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भगवान परशुराम के आदर्शों और विचारों को याद करते हुए आत्मसात करने पर दिया जोर

मोतिहारी , राजन द्विवेदी।

पूर्वी चंपारण जिले में भगवान श्रीपरशुराम जयंती वैदिक मंत्रोच्चार, श्रद्धा-भक्ति और उत्साह के साथ मनाई गई। विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर भगवान परशुराम के आदर्शों और विचारों को स्मरण करते हुए उसे आत्मसात करने पर जोर दिया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग मंदिरों में जुटे और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान परशुराम की आराधना की। सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखी गई।
इसी क्रम में शहर के प्रसिद्धि प्राप्त नरसिंह बाबा मंदिर परिसर में “चाणक्य विद्यापति समाज” की ओर से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 70 से 80 अधिवक्ताओं ने भाग लेकर सामूहिक पूजा-अर्चना और पुष्पांजलि अर्पित की।
वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन, उनके संघर्ष और उनके सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम केवल महान योद्धा ही नहीं, बल्कि सत्य, धर्म और न्याय के प्रतीक थे।
वक्ताओं ने कहा कि भगवान परशुराम के जीवन से हमें अन्याय के खिलाफ खड़े होने और समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करने की प्रेरणा मिलती है। भारत सरकार के अपर स्थायी सलाहकार एडवोकेट शैलेन्द्र कुमार मिश्र ने कहा कि वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों में भगवान परशुराम के आदर्शों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उनके विचार समाज में न्याय, समानता और सद्भाव को सुदृढ़ करने में मार्गदर्शक बन सकते हैं।कार्यक्रम में युवाओं से भगवान परशुराम के आदर्शों को अपनाने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का आह्वान किया गया।