रामपुर मनिहारान/सहारनपुर/उप्र/अखिल भारतीय सोइहम मंडल पीठाधीश्वर स्वामी सत्यानंद जी महाराज ने कहा कि जगत में गुरू ही भव बन्धन से छुटकारा दिलाने वाला है उसके बिना कल्याण होना असंभव है।

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रिपोर्ट वैभव गुप्ता।


रविवार को अखिल भारतीय सोहम महामंडल शाखा सोना अर्जुनपुर के तत्त्वावधान में बाबा सिद्ध सत्संग स्थली पर चल रहे संत सम्मेलन और भागवत कथा के आयोजन के अवसर पर सोहं पीठाधीश्वर श्री स्वामी सत्यानंद जी ने श्रद्धालुओं को गुरु के विषय में प्रकाश डालते हुए कहा कि जगत में गुरु ही भव बंधन से छुटकारा दिलाने वाला है।उसके बिना कल्याण करने वाला कोई नहीं हैं। गुरु की महिमा अपार है। वह अपने शिष्य को तपाकर शुद्ध कर देता है।ध्रुव, प्रहलाद, अर्जुन, जनक, नचिकेता, परीक्षित आदि ने गुरु की कृपा से ही सद्गति प्राप्त की तुलसी सूर, कबीर, मीरा आदि आधुनिक अनेकों भक्तों ने गुरु भी के सहारे से ही मुक्ति पाई थी।आज के परिपेक्ष्य में सच्चे गुरु की महती आवश्यकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि गुरु अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है, स्वामी प्रीतमदास ने कहा कि गुरु विना ज्ञान असंभव है, स्वामी शिवानंद ने कहा कि गुरु ब्रह्मा, विष्णु और महेश के सामन होकर व्यक्ति में साधकत्व की उत्पत्ति, साधना की रक्षा और अज्ञानावरण का नाश करता है। स्वामी प्रणवानंद ने कहा कि गुरु का दर्ज भगवान से भी बढ़कर है।स्वामी नारायणानंद ने मंच का संचालन किया। स्वामी गोपालानंद आदि ने भी अपने प्रवचनों से श्रद्धालुओं को आनंदित किया। सत्संग के अंत में महेन्द्र सिंह, ईश्वरपाल, शीशपाल, महिपाल, आजाद, सतवीर…इत्यादि वरिष्ठ नागरिकों ने संतों का सम्मान करके भगवान की आरती की।


प्रातःकालीन बेला में पंडित रामगोपाल शास्त्री जी ने भागवत कथा में कृष्ण जन्म की कथा सुनाने के बाद नन्दोत्सव में “नन्द के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की” ध्वनि से पंडाल गुंजायमान कर दिया l व्यास जी ने भगवान की बाल लीलाओं के पावन चरित्र सुनकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।