चंपारण की खबर::1 से 15 अप्रैल तक चलेगा नामांकन पखवाड़ा, कोई बच्चा छूटे नहीं: डीएम

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  • चिन्हित किए गए सभी बच्चों का 15 अप्रैल को प्रवेशोत्सव का आयोजन कर विद्यालय में किया जाएगा नामांकन

मोतिहारी / राजन द्विवेदी।

समाहरणालय स्थित डॉ राधाकृष्णन सभागार में आज शिक्षा विभाग की समीक्षात्मक बैठक जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि जिला अंतर्गत 01 अप्रैल से 15 अप्रैल तक नामांकन पखवारा चलाने का निर्देश प्राप्त है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों के शिक्षक एवं सभी क्षेत्रीय पदाधिकारी इस पर विशेष ध्यान देंगे कि कोई भी बच्चा बिना नामांकन के नहीं रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि यह बच्चों से जुड़ा हुआ मामला है। इसे पदाधिकारी गंभीरता से लेंगे और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराएंगे। सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि विद्यालय जांच के दौरान बच्चों से अच्छा व्यवहार करें। उन्हें आगे बढाने का प्रयास करें। पदाधिकारी विद्यालय में जांच के लिए जाएं तो वहां क्लास जरूर लें, इससे एक अलग माहौल बनेगा और बच्चों को प्रोत्साहन मिलेगा।
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि प्रखंडवार समीक्षा के लिए अलग से पारा मीटर बनाएं और उसकी नियमित अनुश्रवण की जाय। डीएम ने कहा कि सभी विद्यालयों में नियमित रूप से चेतना सत्र का आयोजन किया जाए। शिक्षक- अभिभावक मीटिंग का आयोजन विद्यालयों में नियमित रूप से हो इस पर विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक में शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। सर्वप्रथम अंकुरण परियोजना से संबंधित समीक्षा की गई जिसका मुख्य उद्देश्य जिला अंतर्गत विद्यालयों में पोषण वाटिका के क्रियान्वयन एवं विस्तार से संबंधित था। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि इसमें विभिन्न विभागों की सहभागिता जरूरी है। जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि जिला में कुल 883 पोषण वाटिका का लक्ष्य प्राप्त है जिसमें 771 विद्यालयों को प्रति विद्यालय 5000 रुपए की दर से राशि आवंटित कर दी गई है। वर्तमान में 107 पोषण वाटिका पूर्ण हो गई है एवं शेष जगह कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि मनरेगा के सौजन्य से सभी प्रखंडों में एक-एक आदर्श पोषण वाटिका बनाया जाना है। इस पर जिलाधिकारी के द्वारा उप विकास आयुक्त एवं डीपीओ मनरेगा को जरूरी कार्य करने का निर्देश दिया।
समीक्षा के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा बताया गया की जिला के सभी 27 अंचलों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय संचालित है जहां लक्ष्य के अनुरूप शत प्रतिशत नामांकन किया गया है। वर्ष 2024-25 में प्राप्त पाठ्य पुस्तक का शत प्रतिशत वितरण कर दिया गया है। निजी विद्यालयों में अपार आईडी जेनरेशन के बारे में उन्होंने बताया कि जिला के 279 निजी विद्यालयों में 62416 नामांकित बच्चों का अपार आईडी बनाया जाना है जिसमें से वर्तमान में 23576 बच्चों का अपार आईडी बनाया जा चुका है जो लक्ष्य का 37.77 प्रतिशत रहा है। इस पर आगे भी नियमित अनुसरण किया जा रहा है। ज्ञानदीप पोर्टल के बारे में बताया कि इसमें शिक्षा के मौलिक अधिकार अंतर्गत 25 फीसदी नामांकन कमजोर वर्ग के बच्चों का निजी विद्यालयों में होना है और नामांकित बच्चों का प्रोफाइल ज्ञानदीप पोर्टल पर अपलोड किया जाना है।
मौके पर उप विकास आयुक्त शंभू शरण पांडेय, निदेशक डीआरडीए, जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं शिक्षा विभाग के अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी सहित सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी उपस्थित थे।
समीक्षा बैठक से निकलने के बाद जिलाधिकारी ने जीवधारा स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय जीवधारा में बनाए गए पोषण वाटिका का निरीक्षण किया गया एवं जैविक तरीके से उत्पादित होने वाले साग सब्जी एवं फलों को लगाने का निर्देश दिया गया।
पोषण वाटिका के निरीक्षण के पश्चात जिलाधिकारी ने खुद चौथी क्लास एवं छठे क्लास में जाकर बच्चों पढ़ाया। चौथी क्लास में गणित एवं छठी क्लास में संस्कृत की पढ़ाई जिलाधिकारी ने खुद कराई। उन्होंने इस दौरान बच्चों से प्रश्न भी की जिसका बच्चों ने सटीक उत्तर दिया।