
रिपोर्ट वैभव गुप्ता।
रविवार को आचार्य श्री ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे के माता पिता का कर्तव्य हैं कि वह अपने बच्चों को धर्म के मार्ग पर लगाए। जो बच्चे अपने 8 वर्ष की उम्र होते ही अपने हाथो में भगवान के अभिषेक का कलश उठा लेते है उनके हाथ में शराब की बोतल नही आती।उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाले संकटो को यदि कोई टाल सकता हैं तो वह है सिर्फ श्री जिनेन्द्र भगवान की भक्ति। सच्चे मन से करी गयी प्रभु भक्ति ही इस जीवन में आपका कल्याण कर सकती हैं। पाण्डुकशिला पर पार्श्वनाथ भगवान को विराजमान कर अभिषेक और शान्तिधारा की गयी। जैन समाज के छोटे छोटे बच्चों ने भगवान का अभिषेक कर पुण्य अर्जित किया।कार्यक्रम समापन पर सलेख चंद ललित कुमार जैन की और सभी बच्चे को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

इस दौरान जैन समाज के प्रधान मनोज जैन, महामंत्री निपुण जैन, मंत्री अभिषेक जैन,शषांक जैन, राकेश जैन,आर्जव जैन, अंशुल जैन, अमित जैन, अतुल जैन, ललित जैन, सुधीर जैन, अनुराग जैन, वीरेश जैन,
विद्यासागर जैन, अनुराग जैन, प्रशांत जैन, सहित समाज के सैंकडो लोग मौजूद रहे।

