चंपारण की खबर::लेबर कोड, निजीकरण, एनपीएस व यूपीएस के विरोध मे विशाल जन कन्वेंशन 8 को : वर्मा

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  • ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लांइज यूनियन का की हुई जागरूकता सभा

मोतिहारी, राजन द्विवेदी।

भारत -नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल रेलवे स्टेशन के पास रेलवे कर्मचारियों के बीच नई श्रम नीति, निजीकरण, एनपीएस/यूपीएस के विरोध स्वरुप दिनांक 08 फ़रवरी 2026 को पटना मे होनेवाले ऐतिहासिक जन कन्वेंशन में शामिल होने की अपील करते हुए जागरूकता सभा का आयोजन किया गया। सभा की अध्यक्षता कामरेड एसपी साहू तथा संचालन रत्नेश वर्मा ने किया। उपस्थित रेलवे कर्मचारियों से 08 फरवरी को पटना पहुंचने की अपील की गई। जन जागरूकता के दौरान केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों की आलोचना करते हुए खूब नारेवाजी की गयी। पूर्व मध्य रेल जोन का एकमात्र मान्यता प्राप्त यूनियन ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे इम्प्लाईज युनियन ( निबंधन संख्या -4065 ) क़े द्वारा नए लेबर कोड की वापसी, निजीकरण खत्म करने, पुरानी – पेंशन की बहाली तथा कुछ अन्य मुद्दों क़े साथ आगामी 08 फरवरी 2026 को पटना में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा हैं। यूनियन के केंद्रीय (जोनल) संयुक्त महासचिव सह इंडियन रेलवे इम्प्लांइज फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव रत्नेश वर्मा ने बताया कि इस बार पटना में होनेवाला जन कन्वेंशन अनोखा और ऐतिहासिक होगा। पुरानी पेंशन योजना, निजीकरण व निगमीकरण, नई श्रम नीति का विरोध आदि रेलवे कर्मचारी हितों के सभी मुद्दों के समर्थन में विशाल महारैली के द्वारा उचित मुकाम हासिल किया जायेगा। कर्मियों का पेंशन, वेतन बढ़ोत्तरी, भत्ता, बोनस, ड्यूटी रोस्टर आदि मांगने कि चीज नहीं है। यह एक अधिकार है जिसे सरकार को स्वम लागु करना चाहिए। श्री वर्मा ने कहा कि ईसीआरईयू द्वारा लेबर कोड की वापसी,पुरानी पेंशन बहाली, निजीकरण बंद करने हेतु निर्णायक आंदोलन का आह्वान किया गया है। जिसके समर्थन में ईसीआरईयू के बैनर तले पुरे रेल जोन से हजारों की संख्या में रेलकर्मी इसमें हिस्सा लेंगे। केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष कामरेड एस• पी• साहू के कहा की रेलवे कर्मचारियों पर जबरदस्ती निजीकरण व निगमीकरण थोपा जा रहा है। 55/30 क़े सर्विस रिव्यू की पॉलिसी बनाई गयी है।सरकार क़े द्वारा पहले एनपीएस और अब यूपीएस ला दिया गया है। ओपीएस कि चर्चा तक नहीं हो रही है। पूरे देश में सभी कर्मियों के लिए एक ही पेंशन व्यवस्था ओपीएस होनी चाहिए। मंडल मंत्री का• संजीव मिश्र ने बताया कि नई श्रम नीति मे कार्य के घंटे मे बढ़ोत्तरी तथा वेतन मे कटौती करने कि निति है। एआइसीसीटीयू के राज्य सचिव कामरेड चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि आज देश क़े मजदूरों कि स्थिति बहुत हीं दयनीय है। कई प्राइवेट ठेका मजदूरों क़ो न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिल पा रहा है। 29 श्रम संहिताओं क़ो हटाकर केवल 04 ( चार ) लेबर कोड बील लाकर केंद्र सरकार मजदूरों क़े हितों पर कुठाराघात कऱ रही हैं। सभा मे कर्मचारियों ने रेलवे मे सभी गेट पर ओवरब्रिज़ बनाने, प्लेटफार्म पर सुविधा बढ़ाने एवं कई अन्य मांग रखी। मंडल सहायक सचिव संतोष मिश्रा ने केंद्र सरकार से मजदूरों क़े हित में नई श्रम नीति क़ो वापस लेने क़ी मांग क़ी। सिग्नल विभाग पर ध्यान आकृष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार सिग्नल स्टाफ को लावारिस कि भांति छोड़कर केवल बन्धुआ मजदूरी करवा रही हैं। न तों ड्यूटी रोस्टर हैं, न हीं मेंटेनर रूम, शौचालय, बाथरूम कुछ नहीं हैं। सिग्नल विभाग रेलवे मे सेफ्टी और स्पीड देने वाला विभाग हैं, इसकी अनदेखी नहीं होनी चाहिए। मंडल कार्यकारी अध्यक्ष अशोक कुमार के द्वारा जन-जागरूकता सभा मे सरकार क़ी मजदूर विरोधी नीतियों कि जानकारी दी गयी। उन्होंने रक्सौल मे रेलवे अस्पताल बनाने कि मांग रखी।जोनल संगठन सचिव श्री चंदन यादव ने कहा कि सरकार लेबर कोड के जरिये यूनियन के अधिकारों को सीमित कर रही हैं।मंडल स• सचिव श्री प्रेम ठाकुर ने कहा क़ी हमें एकमात्र पुरानी पेंशन प्रणाली यानि O. P. S. से कम कुछ भी मंजूर नहीं हैं। रेलवे मे कर्मचारियों कि भारी कमी हैं। रेलकर्मी पर अत्यधिक कार्य का बोझ हैं, जिसक़े चलते हीं कर्मिगण लगातार रन -ओवर भी हो रहे हैं। रेल – लाइन पर कार्य करनेवाले सभी रेलकर्मी को “जीवन रक्षक यन्त्र” दिया जाना चाहिए तथा एक करोड़ क़े जीवन बीमा का प्रावधान हो। श्री अनिल कुमार ने कहा कि पॉइंट्स मैन, गेटमैंन 12 घंटे, सिग्नल आर्टिज़न स्टॉफ 24 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं। ड्यूटी रोस्टर हीं नहीं हैं। जहां नई रेलवे लाइन बनी है, गेज परिवर्तन, विद्युतिकरण हुआ है वहां नए संशोधित BOS क़े अनुसार रेलकर्मियों कि भर्ती होनी चाहिए। सभा को सम्बोधित करनेवालों मे श्री अंगद शाह , महेंद्र कुमार , मुकेश कुमार, दिनेश कुमार, शत्रुधन प्रसाद आदि प्रमुख थे।
ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लाइज यूनियन (ईसीआरईयू) / इंडियन रेलवे इम्प्लांइज फेडरेशन द्वारा रेलकर्मियों से जुड़े अहम मुद्दे पर 08 फ़रवरी 2026 को पटना में विशाल जन कन्वेंशन किया जाना है।