चंपारण : महिला चरस तस्कर को दस वर्षों के सश्रम कारावास की सजा ,एक लाख रुपए का किया अर्थ दंड

बिहार

मोतिहारी / दिनेश कुमार ।

पूर्वी चंपारण प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह एनडीपी एस के विशेष न्यायाधीश ब्रजेश कुमार ने चरस तस्करी मामले में नामजद महिला अभियुक्त को दोषी पाते हुए दस वर्षों का सश्रम कारावास एवं एक लाख रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाए। अर्थ दंड नहीं देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सजा नेपाल पर्सा के थाना पोखरिया ग्राम मधुबनी वार्ड नं 7 निवासी विंदेश्वरी सहनी की पत्नी राजपति देवी को हुई। मामले में एसएसबी 13 वीं सशस्त्र सीमा बल के महिला प्लाटून के उप निरीक्षक रूपम गरई ने रक्सौल थाना कांड संख्या-239/2015 दर्ज कराते हुए उक्त महिला को आरोपित की थी।

दर्ज प्राथमिकी में कहीं थी कि 2 अक्टूबर 2015 को गुप्त सूचना मिली कि एक महिला मादक पदार्थ लेकर कौड़ीहार चौक के पास भारतीय सीमा में प्रवेश करने वाली है। सूचना के आलोक में 3 बजे संध्या में सशस्त्र बल के साथ चिन्हित जगह पर कैंप किया गया। सूचना के अनुसार वेशभूषा से मिलती जुलती एक महिला को पकड़ा गया।

जांच के दौरान उसके कमर में बंधे दो पीली प्लास्टिक में लिपटा 1.600 किलोग्राम चरस पकड़ा गया। एनडीपीएस वाद संख्या- 54/2015 विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक डा. शंभूशरण सिंह ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर अभियोजन पक्ष रखा। न्यायधीश ने सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए धारा 20( b) ii( c) एनडीपीएस में दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाए।

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