चंपारण : सभी पंचायतों में बच्चों सहित लड़कियों के लिए सेपरेट खेल ग्राउंड बनाएं: डीएम

बिहार
  • बाल दरबार में बच्चों ने 54 अधिकारों का पेंटिंग बना किया प्रस्तुत

मोतिहारी / राजन द्विवेदी ।

जिला श्रम संसाधन विभाग, समाज कल्याण विभाग, यूनिसेफ व सेव द चिल्ड्रेन के संयुक्त तत्वाधान में आज मोतिहारी समाहरणालय स्थित डॉ राधा-कृष्ण भवन में बाल अधिकार पखवारा अंतर्गत बाल दरबार कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस बाल दरबार में बच्चों ने 54 अधिकारों का पेंटिंग सहित जल संरक्षण,पर्यावरण संरक्षण संबंधित पेंटिंग प्रदर्शनी लगाया।
इस बाल दरबार में किशोरी बालिकाओं ने बाल विवाह और बाल श्रम पर नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। साथ ही बच्चों ने बाल अधिकार से संबंधित कई निबंध और कविताएं पढ़ी। बच्चों के प्रस्तुति को सभी लोगों ने सराहा।

इस अवसर पर जिला पदाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक ने बच्चों के दिए गए मांग पत्र में दर्शाए गए बिंदुओं पर अग्रतर करवाई के लिए निर्देशित भी किया। साथ ही बच्चों की मांगों के आलोक में अलग-अलग विभाग को निर्देशित किया। कहा पंचायतों में बच्चों के लिए खास तौर से लड़कियों के लिए सेपरेट खेल ग्राउंड की व्यवस्था हो। विद्यालयों में कक्षा वार शिक्षक हों। डीएम ने कहा कि बच्चे आज बाल दरबार के माध्यम से बिल्कुल खुलकर बोल रहे हैं, यह बहुत ही अच्छी बात है। उन्होंने बच्चों का हौसला भी बढ़ाया।


इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि हर पंचायत में उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय का गठन किया और कहा कि अभी शिक्षकों की कमी है जिसे शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण का निर्माण करने की कोशिश कर रहे हैं। इस बाल दरबार में सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई ममता झा ने कहा कि जो चीज बच्चों के लिए उचित नहीं है उसके खिलाफ समाज के हर लोगों को आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चे प्रेम प्रसंग में पलायन कर जाते हैं। जिसकी वजह से लड़कों को पोक्सो एक्ट का सामना करना पड़ता है और 7 से 14 वर्ष की सजा हो जाती है।

इसके लिए भी हमें ग्रामीण स्तर पर बच्चों को जागरूक करने की आवश्यकता है । कार्यक्रम में श्रम अधीक्षक सत्य प्रकाश ने कहा कि बाल श्रम को रोककर ही हम समाज को सही दिशा दे सकते हैं और बच्चे पूर्णकालिक विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करें तभी हम बाल श्रम को रोकने में कामयाब हो सकते हैं। उन्होंने बाल विवाह और बाल श्रम पर नुक्कड़ नाटक करने वाले बच्चों का हौसला अफजाई किया, और कहा कि यह चीज गांव स्तर तक बात जानी चाहिए।

कार्यक्रम का संचालन समाज कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास निगम यूनिसेफ के सहयोग से सेव द चिल्ड्रेन ने संचालित उड़ान परियोजना के जिला समन्वयक हामिद रजा ने किया। मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार, श्रम अधीक्षक सत्य प्रकाश, सहायक निदेशक बाल संरक्षण इकाई ममता झा, जिला नियोजन पदाधिकारी मुकुंद माधव, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी आशुतोष कुमार झा, रामप्रकाश, रवि रंजन, सरफराज अहमद, सुरेंद्र कुमार,विकास कुमार,डी पी एम विनय प्रताप, बाल संरक्षण पदाधिकारी राकेश कुमार , आलोक कुमार,सहित सेव द चिल्ड्रेन के जितेंद्र कुमार सिंह, कृष्णा कुमार, हसन इमाम, शिवबालक राय, शिक्षक फसीह अख्तर, प्रयास से आरती कुमारी, कार्ड से शशि कुमार, आइडिया से अभिषेक कुमार, निर्देश संस्था से मधु कुमारी, विकास मित्र सुमित्रा कुमारी, पंकज कुमार,निर्मल बैठा, रोहिणी कुमारी सहित जिले के अलग-अलग प्रखंडों से विकास मित्र, किशोरी समूह के सदस्य व विद्यालय के बच्चे शामिल हुए।

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