काली कमाई के कुबेर! चालाक कौन…डीएसपी या इंजीनियर ? DSP ने धर्मपत्नी को धनवान बनाया तो इंजीनियर ने ‘बीवी’ को ‘बिल्डर’

बिहार

डीएसपी साहब ने धर्मपत्नी को धनवान बना दिया। इसके बारे में तो आप सब जान ही गये। जरा इस इंजीनियर के बारे में भी जान लें. मोतिहारी में पदस्थापित इंजीनियर साहब ने अपनी पत्नी को बिल्डर बना दिया। डीएसपी ने नौकरी के दौरान खूब माल बटोरा है और पत्नी के नाम से जमीन की खऱीद की.

हालांकि डीएसपी से इंजीनियर ज्यादा चालाक निकले। इन्होंने पत्नी को बिल्डर बनाया, फिर उन्हीं से फ्लैट खरीदा। यानि पहले पत्नी को काली कमाई का कुबेर बनाया,फिर उनकी कंपनी से प्रोपर्टी की खरीद की. इंजीनियर साहब और डीएसपी साहब की पत्नी की आमदनी का और कोई दूसरा श्रोत भी है या रिश्वत का पैसे को खपाने के लिए यह ट्रिक अपनाया था, यह जांच के बाद ही पता चलेगा। 

चंपारण इलाके में पदस्थापित डीएसपी साहब की पोल खोली थी। आज हम मोतिहारी में पदस्थापित इंजीनियर की पोल खोल रहे हैं. सिंचाई विभाग के एक कार्यपालक अभियंता भी अकूत सपंत्ति का मालिक बन बैठे हैं. उस इंजीनियर की पोस्टिंग पूर्वी चंपारण जिले में बताई जाती है। बताया जाता है कि उस इंजीनियर ने अपनी पत्नी को बिल्डर बनाकर अवैध कमाई को व्हाइट करने की भरपूर कोशिश की।

इंजीनियर ने पत्नी के नाम पर कंपनी खोल लिया और राजधानी पटना में फ्लैट बनाने का काम शुरू किया। यह काम पिछले एक दशक से जारी है। सबसे बड़ी बात तो यह कि धनकुबेर इंजीनियर ने अपनी पत्नी के नाम कंपनी तो बनाया लेकिन उसकी जानकारी सरकार को नहीं दी है। यानी पोल खुलने के डर से उस इंजीनियर ने जानकारी छुपा ली।

जल संसाधन विभाग में तैनात इंजीनियर ने अपनी पत्नी के नाम पर न्यू ### होम डेवलपर्स कंपनी बनाई। इस कंपनी के माध्यम से इंजीनियर की पत्नी ने पटना में अपार्टमेंट बनाने का काम शुरू कर दिया। बताया जाता है कि बिल्डर पत्नी ने दिसंबर 2015 से फ्लैट बेचना शुरू कर दिया। दिसंबर 2015 में 34 लाख में फ्लैट की बिक्री की। इसके बाद रामजयपाल नगर में मई 2016 में 15 लाख में फ्लैट बेंचा, फिर 2016 में डेंटल कॉलेज के पास ही 26 लाख में एक फ्लैट की बिक्री की. फरवरी 2017 में गोला रोड में करीब 37 लाख में बिक्री की, सितंबर 2017 राम जयपाल नगर मेंं एक 9 लाख में बेंचा.

इसके बाद इंजीनियर की बिल्डर पत्नी ने अप्रैल 2018 में गोला रोड में एक ही दिन 27 लाख, 23 लाख और 8 लाख में फ्लैट की बिक्री की। इसके बाद दिसंबर 2019 में आर्य समाज रोड में 30 लाख में एक फ्लैट की बिक्री की. इंजीनियर ने 2018 में अपनी पत्नी से 37 लाख में एक फ्लैट को खरीदा। यानी बेंचने वाली पत्नी थी और सामने खरीददार पति था। इस तरह से इंजीनियर साहब ने पटना में अपने नाम पर फ्लैट की ख्वाइश पूरी की। 

डीएसपी साहब की धर्म पत्नी भी धनकुबेर 

वैसे सिर्फ इंजीनियर साहब ही चालक नहीं थे, इन्होंने ही अपनी धर्म पत्नी को धनकुबेर नहीं बनाया बल्कि इस लिस्ट में कई नाम हैं. एक डीएसपी साहब हैं. इन्होंने भी अकूत संपत्ति अर्जित की और अपनी धर्मपत्नी को धनकुबेर बना दिया। डीएसपी साहब ने पत्नी को धनकुबेर बनाया लेकिन एक जगह गच्चा खा गये. जो गलती इंजीनियर ने किया,वही गलती डीएसपी साहब भी कर गये. इन्होंने भी अपनी धनकुबेर धर्मपत्नी के धन की आधी जानकारी सरकार को बताई और आधी छुपा ली। अब डीएसपी साहब की पोल पट्टी खुल गई है। न्यूज4नेशन के पास डीएसपी साहब की धर्म पत्नी के धनकुबेर बनने की पूरी कहानी और सबूत आ गई है। 

डीएसपी ने पत्नी के नाम खरीदी संपत्ति को छुपाई 

डीएसपी साहब और पत्नी के नाम में टायटल समान है। साहब ने अपनी पत्नी के नाम पर अगस्त 2014 में दलसिंहसराय में करीब 6.5 डिसमिल जमीन का एग्रीमेंट कराया। तब उस जमीन की कीमत 11.32 लाख बताई गई थी।  इसके बाद साहब ने जिस जमीन का एग्रीमेंट कराया था, उसकी रजिस्ट्री उसी साल यानी दिसंबर 2014 में ही करा लिया। जिस दिन इन्होंने 6.5 डिसमिल जमीन की खरीद की, उसी दिन इससे सटे एक और प्लॉट को खरीद लिया। वह जमीन 0.68 डिसमिल है। इसकी कीमत 12500 लाख बताई गई। इस जमीन की चौहद्दी में डीएसपी साहब का पहले वाला जमीन है।

दोनों जमीन के विक्रेता एक ही महिला हैं। इस तरह से दिसंबर 2014 में एक ही दिन डीएसपी साहब ने अपनी पत्नी के नाम से जमीन का 2 प्लॉट खरीदा। डीएसपी साहब ने संपत्ति के ब्योरा में अपनी पत्नी के नाम पर क्या-क्या उल्लेख किया है। पत्नी के नाम पर नकद से लेकर एलआईसी पॉलिसी और स्कूटी तक का जिक्र किया है। लेकिन अचल संपत्ति के ब्योरा में NILL लिखा है। कृषि योग्य जमीन, गैर कृषि योग्य जमीन,मकान,अपार्टमेंट-फ्लैट के कॉलम में NILL लिखा गया है। यानी अच संपत्ति कुछ भी नहीं. 

प्रमोशन पाकर बने हैं डीएसपी,अगले साल होंगे रिटायर 

डीएसपी साहब के बारे में जान लें. डीएसपी साहब काफी दिनों से चंपारण इलाके में पदस्थापित हैं। पति-पत्नी का टायटल भी समान है। जहां पदस्थापित हैं उसके पड़ोस वाले जिले में ही उनका पैतृक घर है। वे अपनी सेवा के अंतिम काल में हैं. आने वाले दिनों में रिटायर होने वाले हैं। कहा जाता है कि अवैध काम को आप चाहे जितना छुपा लें, छुप नहीं सकता। कुछ वैसा ही हाल डीएसपी साहब के साथ भी है। भले ही उन्होंने संपत्ति के ब्योरा में पत्नी वाली संपत्ति छुपा ली हो लेकिन सच सामने है।

न्यूज4नेशन के पास सबूतों की पूरी कुंडली पहुंच गई है। देखना होगा कि संपत्ति छुपाने वाले अधिकारी पर आगे क्या कुछ होता है। क्यों कि सरकार की नजर में जिस अधिकारी ने अपनी संपत्ति छुपाई, उसे अवैध मान लिया जाता है.. साथ ही आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज होता है। हाल ही में एक डीएसपी के खिलाफ सेवानिवृति से एक दिन पहले ही आय से अधिक संपत्ति केस में छापेमारी हुई थी. 

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