भालू ने महिला को बनाया अपना शिकार, सिर को खाया

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माउंट आबू। एक बार फिर आबादी क्षेत्र में भालुओं के कुनबे ने दस्तक देकर एक महिला को गंभीर घायल कर दिया। महिला के सिर व कान को चबा लिया, जिससे रक्तनली कट गई थी। चिकित्सकों ने तत्काल ऑपरेशन कर महिला को बचा लिया। इधर, महिला को हमले से बचाने की मशक्कत करते दो अन्य परिचित भी भालू के शिकार हो गए। चिल्लाने के आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और भालुओं को भगाया। इस बीच वन विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। जानकारी के अनुसार पप्पू पुत्र हीरा गरासिया निवासी माण्डवा फली उदयपुर हाल तोरणा गांव माउंट आबू अपनी पत्नी पवनी देवी, मित्र कालूराम गरासिया, चंदू गरासिया, रुमा गरासिया व भीका गरासिया के साथ मजदूरी करने माउंट आबू आए हुए थे। वे मजदूरी कर शाम को घर लौटते और एक साथ भोजन बनाते थे। सोमवार देर शाम भी वे घर लौटे। कालूराम रोटी बनाने के लिए आटा गूंथ रहा था। आटे में पानी डालने के लिए पवनी देवी पास में से ही पानी ले रही थी।

अचानक चार भालुओं ने एक साथ पवनी देवी पर हमला कर दिया। उसके चिल्लाने पर पपू, चंदू, रूमा व भीका बीच-बचाव करने लगे। इसी बीच पपू व चंदू पर भी भालुओं ने हमला बोल दिया। जिससे दोनों को चोटें आईं। भालुओं ने पवनी देवी के कान के ऊपर, सिर के पिछले हिस्से के साथ ही दाएं हाथ समेत शरीर के कई भागों को दांतों से चबा डाला व पंजों से खरोंच दिया। इससे वह बेहोश हो गई। श्रमिकों के चिल्लाने की आवाज सुनकर पास में ही गांव के अन्य लोग मौके पर पहुंचे और पत्थर व लाठियों से भालुओं को वहां खदेड़ा। इसके बाद घायलावस्था में पवनी देवी को अस्पताल पहुंचाया। पवनी के सिर से रक्त बह रहा था। जांच में पता चला कि महिला के सिर के ऊपर जाने वाली बड़ी रक्तनली कट चुकी थी। ऐसे में डॉ. शरद मेहता व उनकी टीम तथा निश्चेतना विषेशज्ञ डॉ जगदेवी व उनकी टीम ने ऑपरेशन शुरू किया। खून की नली के रिसाव को रोकने व घावों को ठीक किए। देर रात तक चले ऑपरेशन के बाद महिला को प्रारंभिक तौर पर बचा लिया गया है। इधर, दूसरे दिन मंगलवार को हड्डी रोग विषेशज्ञ डॉ. कैलाश कडेल व उनकी टीम टूटी हुई हड्डियों को जोड़ने के लिए शल्य चिकित्सा में जुटी रही।