Health : अब इस बीमारी को लेकर WHO ने जारी की चेतावनी,बच्चों को संक्रमण खतरा ज्यादा

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Health  : कोरोना महामारी के बाद से ही सभी अपनी सेहत का खास ख्याल रखने लगे हैं। इतना ही नहीं दुनियाभर के हेल्थ एक्सपर्ट्स भी हर बीमारी पर नजर बनाए हुए हैं। इसी बीच अब हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO : ने एक और बीमारी को लेकर चेतावनी जारी है। WHO के मुताबिक साल में अंत कर दुनिया के आधे से ज्यादा देशों में खसरे यानी मीजल्स (measles) के फैलने का खतरा ज्यादा होगा। दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में हाल के वर्षों में इस बेहद संक्रामक बीमारी के मामलों में तेजी देखी गई है।

वर्तमान में दुनिया भर में खसरे के टीकाकरण की दर 83% है, जो इस बीमारी को पूरी तरह से खत्म करने के लिए जरूरी 95% से कम है। डब्ल्यूएचओ का अनुमान है कि साल 2024 तक दुनिया भर में 142 मिलियन बच्चों को खसरे से संक्रमित होने का खतरा होगा, जिनमें से ज्यादातर निम्न और मध्यम आय वाले देशों में रहेंगे। आइए जानते हैं इस बीमारी से जुड़ी कुछ जरूरी बातों के बारें में-

WHOmeasles जिसे खसरा के नाम से भी जाना जाता है, एक अत्यधिक संक्रामक बीमारी है, जो measles नामक एक वायरस के कारण होता है। संक्रमित व्यक्ति के सांस लेने, खांसने या छींकने से यह आसानी से फैलता है। यह गंभीर बीमारी, जटिलताओं और यहां तक ​​कि मौत का कारण बन सकता है। वैसे तो यह किसी को भी प्रभावित कर सकती है, लेकिन यह बच्चों में सबसे आम है।

क्या है मीजल्स?

WHOmeasles जिसे खसरा के नाम से भी जाना जाता है, एक अत्यधिक संक्रामक बीमारी है, जो measles नामक एक वायरस के कारण होता है। संक्रमित व्यक्ति के सांस लेने, खांसने या छींकने से यह आसानी से फैलता है। यह गंभीर बीमारी, जटिलताओं और यहां तक ​​कि मौत का कारण बन सकता है। वैसे तो यह किसी को भी प्रभावित कर सकती है, लेकिन यह बच्चों में सबसे आम है।

मीजल्स के लक्षण

WHO के मुताबिक खसरे के लक्षण आमतौर पर वायरस के संपर्क में आने के 10-14 दिन बाद शुरू होते हैं। इसके शुरुआती लक्षण आमतौर पर 4-7 दिनों तक रहते हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं:-

  • बहती नाक
  • खांसी
  • लाल और पानी भरी आंखें
  • गालों के अंदर छोटे सफेद धब्बे
  • चेहरे,गर्दन, हाथों और पैरों पर दाने