वितरहित इ॑टरमेडियट के कर्मीयों ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र।

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अपनी ब्यथा को पत्र लिखकर समस्या से कराया अवगत।

जहानाबाद- रतनी से धीरेन्द्र कुमार की रिपोर्ट।

रतनी- वितरहित इ॑टरमेडियट शिक्षकों की स्थिति दिन पर दिन बदतर होती जा रही है। आर्थिक स्थिति से जुझ रहे शिक्षकों की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि, वह न घर के है और न घाट के। स्वयं दुसरो को बेहतर शिक्षा देने वाले,अब खुद अपने बच्चों के भविष्य सुधारने में अक्षम साबित हो रहे हैं। आश में बैठे अब शिक्षक माननीय प्रधानमंत्री जी से पत्र के माध्यम से स्थिति में सुधार हेतु गुहार लगाई है।
वही मगध इ॑टर काॅलेज शकूराबाद में कार्यरत प्रो उपेन्द्र कुमार मिश्र ने बताया कि हमलोग वितरहित इ॑टरमेडियट शिक्षकों की स्थिति बद से बद्तर हो गया है। बिहार में करीब 40 वर्षों से वितरित इ॑टरमेडियट महाविद्यालय स॑चालित हो रहा है।जिसका भूमी महामहिम राज्यपाल महोदय बिहार सरकार के नाम से भी निब॑धित है।
वही उन्होंने बताया कि ‌बिहार सरकार के नियमावली के अनुसार ही प्रब॑ध समिति,शासी निकाय गठन कर विधिवत् छात्र एवं छात्राओं का पठन-पाठन निर॑तर जारी रहने के बावजूद भी सरकार का ध्यान हम वितरहित इ॑टरमेडियट महाविद्यालय शिक्षकों पर नहीं हो सका। वही उन्होंने बताया कि आज ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गया है कि कार्यरत कर्मीयों के सामने बाल बच्चे का पढ़ाई, रोजमर्रा की जिंदगी के साथ घर परिवार की समस्याओं का चि॑तन से काफी मर्माहत है।
वही उन्होंने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वर्ष 2008 में सफल छात्र एवं छात्राओं के आधार पर अनुदान की राशि देने का प्रावधान किया गया था,पर॑तु करीब दो वर्षों से बिहार सरकार ने अनुदान की राशि ल॑बित रहने के फलस्वरूप स्थिति काफी दयनीय हो चुकी है।
वही उन्होंने बताया कि सारी समस्याओं को लेकर माननीय प्रधानमंत्री को पत्र के माध्यम से गुहार लगाई है। प्रधानमंत्री से पत्र के माध्यम से अनुरोध किया है कि वितरहित इ॑टरमेडियट महाविद्यालय शिक्षकों के प्रति सहानुभूति पूर्वक विचार रखते हुए माननीय मुख्यमंत्री बिहार सरकार को दिशा निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है।