जहानाबाद जदयू कार्यालय में आगामी 24 जनवरी को जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर शताब्दी समारोह की तैयारी हेतु जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में किया गया बैठक।

बिहार

जहानाबाद (बिहार) से ब्यूरो चीफ मनोहर सिंह का रिपोर्ट

जहानाबाद -जिले के जदयू जिला अध्यक्ष गोपाल शर्मा के नेतृत्व में जदयू कार्यकर्ताओ की जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर शताब्दी समारोह आयोजित हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश द्वारा निर्देशित 24 जनवरी को कर्पूरी ठाकुर के जयंती पर शताब्दी समारोह की तैयारी को लेकर चर्चा हुई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी ने उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि अतिपिछड़ा वर्ग के हित में माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सामाजिक, राजनैतिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक प्रगति के लिए उठाए गए कदमों में पंचायत चुनाव में आरक्षण लागू करने से सामाजिक बदलाव का नया अध्याय शुरू हुआ ,जिससे विकास मूलक समरस समाज का मॉडल सामने आया ,और ग्रामीण इलाको में तनाव और उग्रवाद की घटनाओं पर विराम लगा।

इसका सबसे ज़्यादा लाभ किसानों और कृषि कार्य से जुड़े कृषक मजदूर को मिला जो तनाव के माहौल में खेती नहीं कर पाते थे। इस पहल के बाद राज्य की उत्पादकता में वृद्धि हुई एवं गांव में अमन चैन हुआ। कार्यक्रम में जहानाबाद लोक सभा क्षेत्र से 20 हजार लोगो को पटना ले जाने काम करेंगे। पूर्व मंत्री अभिराम शर्मा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कर्पूरी ठाकुर जी के अधूरे सपने को पूरा करते हुए अतिपिछड़ा समाज को आर्थिक क्षेत्र में मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना का लाभ के साथ उद्योग लगाने के लिए अतिपिछड़ा को भी 10 लाख की मदद देने का कार्य किया है।

इसमें 5लाख रुपए अनुदान और 5 लाख ब्याज मुक्त ऋण है।देश के प्रथम राज्य बिहार जिसमें मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत निर्माण हेतु 1.20 लाख रुपए की सहायता राशि एवं मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता के तहत 60,000 रूपये की सहायता राशि दी जा रही हैं।
कार्यक्रम को मगध प्रभारी विद्यानंद विकल ने तैयारी बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार अतिपिछड़ा समाज के प्रति अपमान का व्यवहार रखती है,इसलिए जननायक कर्पूरी ठाकुर को अबतक भारत रत्न नहीं दिया है।
नरेंद्र मोदी द्वारा पीएम यशस्वी योजना के नाम से नई योजना प्रारंभ की गई, जिसमें पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग के छात्र छात्राओं को पूर्व में मिलने वाली छात्रवृति बंद कर दिया गया है।

पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा के छात्र छात्राओं के शैक्षणिक एवं सामाजिक उत्थान हेतु अन्य पिछड़ावर्ग प्रवेशिकोतर योजना शत प्रतिशत केंद्रीय योजना है,उसमे भी समय पर भुगतान नहीं किया जाता है ।
उन्होंने बताया कि आजादी के बाद देश में पहली बार माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में 2009 में पिछड़ा अतिपिछड़ा कल्याण विभाग का गठन किया।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अति पिछड़ा समुदाय की विभिन्न जातियों का सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक और आर्थिक उन्नयन कर इन्हे एक वर्ग के रूप में नई पहचान दी।

वही उन्होंने कहा की अतिपिछड़ा वर्ग में शिक्षा के प्रचार प्रसार के लिए छात्र छात्राओं की छात्रवृति, पोशाक और साईकिल योजना से जोड़ा गया।अति पिछड़ा के छात्र छात्राओं को राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली छात्रवृति के अलावा उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए उन्हें स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना से भी जोड़ा गया है।जननायक कर्पूरी ठाकुर अत्यंत पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास योजना के तहत प्रत्येक जिला में 100 बेड के छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है।

कार्यक्रम में प्रभारी पूनम कुशवाहा, जदयू के वरिष्ठ नेता जयप्रकाश च॑द्रव॑शी,कुंडल वर्मा,राहुल शरीन, प्रदेश महासचिव राजीव नयन,जिला प्रवक्ता अमित कुमार पम्मु, कमलेश चंद्रवंशी,हरे राम शर्मा,नरेंद्र किशोर सिंह,कमलेश वर्मा,मनोज कुमार चंद्रवंशी, श्यामदेव चंद्रवंशी, जुदागी मांझी, अनुज प्रसाद निराला, प्रखंड अध्यक्ष अजीत शर्मा, चंदन कुमार, विनोद केशरी,राजेश शर्मा, संजय विश्वकर्मा,विनय विद्यार्थी, रणधीर पटेल,प्रेम कुमार पप्पु,मनोरमा देवी,फेकन चौधरी,प्रमिला कुशवाहा, शंभू शर्मा,सिया देवी,मुरारी यादव, मधेश्वर प्रसाद,जुगेश दास, रामप्रवेश कुशवाहा,धनंजय दास,सुनील कुमार चौधरी,गुलाम मुर्तजा अंसारी,उमेश बिंद,वेंकटेश शर्मा,सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।