नैक मूल्यांकन में बेहतर ग्रेडिंग प्राप्त करने में निष्ठा, समर्पण और सहयोग देने हेतु समस्त परिवार को कुलपति ने दिया धन्यवाद

बिहार

*कुलपति प्रोफेसर एसपी सिंह ने नैक पीयर टीम द्वारा समर्पित रिपोर्ट को आइक्यूएसी निदेशक डॉ. मो ज्या हैदर को किया हस्तगत*

रूपेश रॉय की रिपोर्ट

लनामिविवि दरभंगा… ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा में गत माह संपन्न नैक मूल्यांकन में बेहतर ग्रेडिंग (बी प्लस प्लस) प्राप्त कराने में अपनी निष्ठा, समर्पण और सहयोग देने हेतु समस्त विश्वविद्यालय परिवार को कुलपति प्रोफेसर एसपी सिंह ने धन्यवाद देते हुए नैक पीयर टीम द्वारा प्रदत्त नैक रिपोर्ट को आइक्यूएसी निदेशक डॉ.मो. ज्या हैदर को समर्पित किया। जुबली हॉल में आयोजित संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों, पदाधिकारियों, शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मियों एवं शोधार्थियों- विद्यार्थियों की बैठक को संबोधित करते हुए कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय को प्राप्त नैक ग्रेड किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति का योगदान है। सभी लोगों ने अच्छा काम किया। विजेता बनने के लिए काम करने का ढंग अलग ही होता है और वह सकारात्मक के साथ आगे बढ़ता है। उन्होंने बताया कि नैक पीयर टीम के सदस्यों की विस्तृत सूचना सिर्फ तीन पदाधिकारियों के पास उपलब्ध थी, पर दुर्भाग्य है कि किसी ने उसे सार्वजनिक कर किया। फलत: उनके मेलों एवं मोबाइलों पर विश्वविद्यालय की मनगढ़ंत और झूठी शिकायतें भेजी गई। साथ ही विश्वविद्यालय में बना हुआ नया डीएसडब्ल्यू भवन , पार्क, फिजिक्स विभाग का ऑडिटोरियम और गाँधी सदन आदि समय पर तैयार नहीं हो पाया जो नैक मूल्यांकन की दृष्टि से सही नहीं हुआ। तालाब के पानी वाली विचारधारा की अपेक्षा हमें नदी की पानी वाली विचारधारा रखनी चाहिए जो अनवरत चलते हुए आगे बढ़ सके। कुलपति ने कहा कि यदि आगे बढ़ना है तो पीछे मुड़कर न देखें और नकारात्मक लोगों के साथ न रहें। प्रोत्साहन से लोग प्रेरित होते हैं, पर बहुत से लोग इसके अपवाद भी होते हैं। हमें पहले से मालूम था कि हम कहाँ हैं? बी प्लस प्लस ग्रेड हमें भविष्य में आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने कहा कि कुलपति 3 वर्षों के लिए आते- जाते रहते हैं, परंतु यहाँ के लोग हमेशा के लिए होते हैं। सब लोगों ने विश्वविद्यालय के लिए काम किया और समय दिया जिसके लिए धन्यवाद। उन्होंने बताया कि मैं 2009 से ही नैक मूल्यांकन में हूँ। हमें विभाग के शोध- कार्यों, एक्सटेंशन एक्टिविटीज, इनोवेशन, न्यू आइडियास, आउटपुट, स्टूडेंट प्रोग्रेशन तथा आधारभूत संरचना आदि को बढ़ाने की जरूरत है। वाणिज्य के पूर्व संकायाध्यक्ष प्रो.बीबी एल दास ने विश्वविद्यालय के ग्रेड को प्रतिष्ठा जनक स्थान दिलाने वाला बताते हुए कहा कि हमें गौरव का अनुभव हो रहा है। नैक मूल्यांकन एक जटिल प्रक्रिया है जो 2015 की अपेक्षा काफी बदल गई है। वैसे अपेक्षाएँ अधिक होती है, पर 2.78 स्कोर काफी होता है। इससे हमें आगे और गुणवत्ता में सुधारने का मौका मिलेगा। आइक्यूएसी निदेशक डॉ.मो. ज्या हैदर ने कहा कि कुलपति प्रोफेसर सुरेन्द्र प्रताप सिंह के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में हमलोगों ने जो नैक का काम किया, बी प्लस प्लस ग्रेड हासिल करके बिहार के पारंपरिक विश्वविद्यालय में सर्वश्रेष्ठ हो गए हैं। उसमें विश्वविद्यालय की सभी व्यक्तियों ने पूरी तरह सहयोग किया और ससमय डाटा एवं सूचनाएं दीं। नैक हेतु बनी समितियाँ सुबह 10 से संध्या 8 बजे तक काम करती थीं। यदि विश्वविद्यालय परिवार तैयार हो तो हमलोग तीन वर्षों के भीतर ही पुनः नैक मूल्यांकन में जा सकते हैं। स्वागत संबोधन में प्रभारी कुलसचिव डॉ.कामेश्वर पासवान ने कहा कि कुलपति के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में हमारा विश्वविद्यालय बी प्लस प्लस ग्रेड लेकर बिहार के परंपरागत विश्वविद्यालयों में प्रथम स्थान पाया है। यह ग्रेड काफी सम्माननीय है। प्रो.अशोक कुमार मेहता के कुशल संचालन में आयोजित धन्यवाद समारोह में धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कुलानुशासक प्रो.अजयनाथ झा ने नैक ग्रेड का श्रेय कुलपति को देते हुए कहा कि इसे प्राप्त करने में सभी लोगों ने बेहतर प्रदर्शन किया। इस अवसर पर कुलपति का पाग, चादर तथा माला से सम्मानित किया गया, जबकि राजनीति विज्ञान विभाग के द्वारा प्रोफेसर मुनेश्वर यादव, डॉ. मनोज कुमार भी पाग, चादर तथा बुके से, वाणिज्य के संकायाध्यक्ष, वनस्पति विज्ञान तथा गणित विभागाध्यक्ष द्वारा भी बुके से कुलपति का स्वागत किया गया।